Drip Irrigation: ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर मिलेगी 75 प्रतिशत तक सब्सिडी

जानें, किन किसानों को मिलेगा पीएम कृषि सिंचाई योजना का लाभ 

किसानों को सिंचाई के लिए प्रयोग में आने वाले यंत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम कृषि सिंचाई योजना शुरू की गई है। किसानों को सिंचाई कार्य में आसानी हो इसके लिए उन्हें इस योजना के तहत सब्सिडी पर सिंचाई यंत्र मुहैया कराए जाते हैं। अलग-अलग राज्य सरकारे अपने स्तर पर इस योजना के माध्यम से किसानों को सब्सिडी का लाभ प्रदान करती हैं। बिहार और छत्तीसगढ़ में सिंचाई यंत्रों पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ किसानों को प्रदान किया जाता है। वहीं अन्य राज्यों में वहां के नियमानुसार किसानों को सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। जैसा कि आज जल स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। इससे सभी राज्य सरकारें किसानों से बूंद-बूंद जल का उपयोग करने की सलाह दे रही हैं। किसानों को कम पानी में अधिक क्षेत्रफल में सिंचाई की तकनीक पर जोर दिया जा रहा है ताकि पानी की बचत हो और कम पानी में अधिक फसल उगाई जा सकें। इसके लिए सरकार की ओर से पीएम किसान सिंचाई योजना चला रखी है। इसके तहत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंंकलर सिंचाई तकनीक के इस्तेमाल पर सब्सिडी दी जा रही है। इन दोनों ही सिंचाई तकनीक से पानी की बचत होती है। 

ड्रिप सिंचाई तकनीक से सीधा पौधों के जड़ों तक पहुंचता है पानी

ड्रिप सिंचाई जिसे टपक सिंचाई भी कहते हैं। इस तकनीक में पेड़ पौधों को नियमित जरूरी मात्रा में पानी मिलता रहता है ड्रिप सिंचाई विधि से उत्पादकता में 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक लाभ मिलता है। इस विधि से 60 से 70 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। इस विधि से ऊंची-नीची जमीन पर सामान्य रूप से पानी पहुंचता है। इसमें सभी पोषक तत्व सीधे पानी से पौधों के जड़ों तक पहुंचाया जाता है तो अतिरिक्त पोषक तत्व बेकार नहीं जाता, जिससे उत्पादकता में वृद्धि होती है। इस विधि में पानी सीधा जड़ों तक पहुंचाया जाता है और आस-पास की जमीन सूखी रहती है, जिससे खरपतवार भी नहीं पनपते हैं। 

स्प्रिंकलर से कैसे होती है पानी की बचत

स्प्रिंकल विधि से सिंचाई में पानी को छिडक़ाव के रूप में किया जाता है, जिससे पानी पौधों पर बारिश की बूंदों की तरह पड़ता है। पानी की बचत और उत्पादकता के हिसाब से स्प्रिंकल विधि ज्यादा उपयोगी मानी जाती है। ये सिंचाई तकनीक ज्यादा लाभदायक साबित हो रहा है। चना, सरसों और दलहनी फसलों के लिए ये विधि उपयोगी मानी जाती है। सिंचाई के दौरान ही पानी में दवा मिला दी जाती है, जो पौधे की जड़ में जाती है। ऐसा करने पर पानी की बर्बादी नहीं होती। इस विधि से पानी वर्षा की बूदों की तरह फसलों पर पड़ता है, जिससे खेत में जलभराव नहीं होता है। जिस जगह में खेत ऊंचे-नीचे होते हैं वहां पर सिंचाई कर सकते हैं। इस विधि से सिंचाई करने पर मिट्टी में नमी बनी रहती है और सभी पौधों को एक समान पानी मिलता रहता है। 

इन किसानों को मिलेगा पीएम कृषि सिंचाई योजना का लाभ

  • पीएम कृषि सिंचाई योजना का लाभ सभी वर्ग के किसानों को दिया जाएगा।
  • योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास खुद की खेती एवं जल स्रोत उपलब्ध होना चाहिए।
  • योजना का लाभ सहकारी समिति के सदस्यों,सेल्फ हेल्प ग्रुप, इनकार्पोरेटेड कंपनी, पंचायती राज संस्थाओं, गैर सहकारी संस्थाओं, ट्रस्ट, उत्पादक कृषकों के समूह के सदस्यों को भी दिया जा रहा है।
  • इसके अलावा ऐसे लाभार्थियों/संस्थाओं को भी योजना का लाभ दिया जाएगा जो संविदा खेती (कांट्रैक्ट फार्मिंग) अथवा न्यूनतम 7 वर्ष के लीज (एग्रीमेन्ट) की जमीन पर बागवानी/खेती करते हैं। 
  • एक लाभार्थी कृषक/संस्था को उसी भू-भाग पर दूसरी बार 7 वर्ष के बाद ही योजना का लाभ ले सकता है।
  • लाभार्थी किसान अनुदान के अतिरिक्त अवशेष धनराशि स्वयं के स्रोत से अथवा ऋण प्राप्त करके अदा करने के लिए सक्षम होना चाहिए।

पीएम कृषि सिंचाई योजना में आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

पीएम कृषि सिंचाई योजना में आवेदन के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, जो इस प्रकार से हैं-

  • आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
  • आवेदन करने वाले किसान का पहचान-पत्र
  • किसान की जमीन के कागजात, इसमें खेत की खसरा खतौनी की कापी
  • जमीन की जमा बंदी 
  • बैंक खाते का विवरण इसमें बैंक पासबुक की प्रथम पेज की कॉपी
  • आवेदन करने वाले किसान का पासपोर्ट साइज फोटो
  • किसान का मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में कैसे करें आवेदन (Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana)

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की जानकारी हर किसान तक पहुंचाने के लिए आधिकारिक पोर्टल स्थापित किया गया है। आप इस पीएम कृषि सिंचाई योजना पोर्टल के लिंक https://pmksy.gov.in/ पर जाकर आप इस योजना के बारें में पूरी जानकारी लेकर आवेदन भर सकते हैं। पंजीकरण या आवेदन के लिए राज्य सरकारें अपने-अपने प्रदेश के कृषि विभाग की वेबसाइट पर आवेदन ले सकती हैं। यदि आप योजना में आवेदन करना चाहते हैं तो आप अपने प्रदेश की कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन से संबंधित जानकारी ले सकते है। बिहार के किसान कृषि विभाग बिहार की बेवसाइट http://horticulture.bihar.gov.in/pmksymi/AboutPMKSY.aspx पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। 

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