इफको नैनो यूरिया का इस्तेमाल कैसे करें, कितना पानी, कब छिड़काव, प्रयोग विधि

खेतों में डाले जाने वाले पारंपरिक बैग वाले यूरिया के जगह अब इफको का नैनो यूरिया लिक्विड ले रहा है. इफको का 500 मिली लीटर का नैनो यूरिया लिक्विड 21वीं सदी का उत्पाद माना जा रहा है. यह लिक्विड इस्तेमाल में काफी आसान है. इसके अलावा यह लिक्विड हवा पानी मिट्टी और पर्यावरण को सुरक्षित रखता है.

इफको नैनो यूरिया का इस्तेमाल कैसे करें

खनऊ : फसलों के ग्रोथ के लिए नाइट्रोजन देना बहुत जरूरी है. आपने देखा भी होगा कि देशभर में किसान अपने फसलों में बोरी भर–भर कर यूरिया के इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब बैग वाली यूरिया की जगह तरल यूरिया की बोतल ले रही है. हाल में ही इफको ने दुनिया की पहली नैनो यूरिया तरल लॉन्च की है. जो पुराने तरीके से इस्तेमाल की जाने वाली यूरिया को कम कर देगा. इफको की 500 ml की एक बोतल का इस्तेमाल पुरानी एक बोरी बैग के बराबर ही है. साथ ही पारंपरिक यूरिया के मुकाबले लिक्विड बोतल यूरिया पर्यावरण के लिए अधिक बेहतर है. इसके इस्तेमाल से मिट्टी के स्वास्थ्य पर, फसलों को कम नुकसान और पर्यावरण का नुकसान कम होता है.

इफको नैनो यूरिया का इस्तेमाल कैसे करें, कितना पानी, कब छिड़काव, प्रयोग विधि

पारंपरिक बोरी वाले यूरिया के जगह पर अपने फसलों में आधा लीटर के नैनो यूरिया तरल का इस्तेमाल करना काफी आसान है. इफको के नैनो यूरिया तरल का इस्तेमाल किसान अपने खेतों में प्रति एकड़ के हिसाब से प्रति 15 लीटर स्प्रे टैंक में 30 एमएल के के बराबर डालेंगे. लिक्विड तरल के इस्तेमाल से पहले बोतल को खूब अच्छी तरीके से हिलाना चाहिए. किसानों को इस लिक्विड का इस्तेमाल दो बार करना है. किसानों को पहला छिड़काव फसल के अंकुरण के 30 दिन बाद और दूसरा छिड़काव किसान भाइयों को पहली स्प्रे के 20 से 25 दिन बाद करना है. ध्यान रखने वाली बात यह है कि किसान भाइयों को छिड़काव करते समय हाथ में दस्ताने और फेस मास्क पहनना होगा.

किसान भाइयों को यह ध्यान रखना होगा कि यह यूरिया लिक्विड तरल को ठंडी और सूखे जगह पर रखना है. सबसे जरूरी बात यह कि छोटे बच्चों और पालतू जानवरों के संपर्क में न आ पाएं. इफको कंपनी ने अपने 50 वीं वार्षिक आम सभा की बैठक में दुनिया के सामने पहले यूरिया लिक्विड तरल को 31 मई 2021 को लांच किया था. इस यूरिया लिक्विड को गुजरात के नैनो बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर में इफको की पेटेंट तकनीक के तहत विकसित किया गया है. इसको कंपनी का कहना है कि यह तरल 21वीं सदी का उत्पाद है जो मिट्टी हवा और पानी को स्वच्छ और सुरक्षित बनाते हुए. फसल का उत्पादन करेगा.

FAQ

नैनो यूरिया का इस्तेमाल कैसे करें?

नैनो तरल यूरिया का उपयोग हम फसल की पत्तियों पर छिड़काव के माध्यम से करते हैं। छिड़काव के लिए एक लीटर पानी में 2-4 मिलीलीटर नैनो यूरिया मिलाना होता है। यानि जो 15 लीटर की टंकी होती है फसल की जरुरत के अनुसार 30-60 मिलीलीटर मिलाना होता है। एक फसल में दो बार नैनो यूरिया का छिच़काव करना चाहिए

नैनो यूरिया 1 एकड़ में कितना डालें?

पारंपरिक बोरी वाले यूरिया के जगह पर अपने फसलों में आधा लीटर के नैनो यूरिया तरल का इस्तेमाल करना काफी आसान है. इफको के नैनो यूरिया तरल का इस्तेमाल किसान अपने खेतों में प्रति एकड़ के हिसाब से प्रति 15 लीटर स्प्रे टैंक में 30 एमएल के के बराबर डालेंगे.

नैनो यूरिया का छिड़काव कैसे किया जाता है?

नैनो यूरिया का 2 से 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के घोल का खड़ी फसल में छिड़काव करना चाहिए. नाइट्रोजन की कम आवश्यकता वाली फसलों में 2 मिलीलीटर एवं नाइट्रोजन की अधिक आवश्यकता वाली फसलों में 4 मिलीलीटर तक नैनो यूरिया प्रति लीटर पानी की दर से उपयोग किया जा सकता है.

एक बीघा में कितना यूरिया डालना चाहिए?

इसके लिए 65 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 40 किलोग्राम म्यूरेट आफ पोटाश प्रति एकड़ प्रयोग करें। शेष नाइट्रोजन की मात्रा 65 किलोग्राम यूरिया पहली सिंचाई के बाद छिड़कें

सबसे अच्छी यूरिया कौन सी है?

इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) ने किसानों के लिए विश्व का पहला नैनो यूरिया (Nano Urea) लिक्विड पेश किया है। ‌ इफको के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने इसे कलोल स्थित नैनो जैवप्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्द्र में तैयार किया है।

नैनो यूरिया की कीमत क्या है?

Nano Urea Liquid: हरियाणा की सहकारी मार्केटिंग सोसायटियों और हैफेड के आउटलेट पर होगी इफको नैनो यूरिया लिक्विड की बिक्री. किसान 500 एमएल वाली एक बोतल 240 रुपये में खरीद सकते हैं.

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