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📗UP TET (Teacher Eligibility Test) रिजल्ट 2021

Examination Regulatory Authority of Uttar Pradesh

Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test (UPTET )

उत्तर प्रदेश के परीक्षा नियामक प्राधिकरण, प्रयागराज ने हाल ही में UPTET प्राथमिक और कनिष्ठ स्तर की परीक्षा 2022 के लिए के लिए जो अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम के इंतजार कर रहे है वो आना रिजल्ट अब देख सकते है. उसके लिए आपको updeled.gov.in जाकर आपको TET (Teacher Eligibility Test) पर क्लीक करके आप रिजल्ट के ऑप्शन को सलेलेक्ट करके अपना रिजल्ट देख सकते है. 

उत्तर प्रदेश के परीक्षा नियामक प्राधिकरण, प्रयागराज ने हाल ही में UPTET प्राथमिक और कनिष्ठ स्तर की परीक्षा 2022 के लिए के लिए जो अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम के इंतजार कर रहे है. दोस्तों उनके लिए खुशखबरी है की आपका रिजल्ट जल्द ही ८ अप्रैल को जारी होने की संभावना है. 

Uttar Pradesh Basic Education Board Are Going to Announced the Uttar Pradesh TET Short Press Released for UPTET 2021 Examination. Those Graduate Are Waiting UPTET / Super TET Examination for the Recruitment in Various Upcoming Teacher Can Read the Full Details and Apply Online.

Important Dates

  • Application Begin : 07/10/2021
  • Last Date for Registration : 26/10/2021
  • Pay Exam Fee Last Date : 27/10/2021
  • Last Date Complete Form : 28/10/2021
  • Exam Date : 23/01/2022
  • Answer Key Available : 27/01/2022
  • Result Declared : 08/04/2022

Application Fee

  • For Paper I Only
  • General / OBC / EWS: 600/-
  • SC / ST : 400/-
  • PH (Divyang) : 100/-
  • For Both Paper (Junior / Primary)
  • General / OBC / EWS: 1200/-
  • SC / ST : 800/-
  • PH (Divyang) : 200/-
  • Pay the Examination Fee Through SBI I Collect Fee Mode Debit Card, Credit Card, Net Banking or Pay the Exam Through SBI E Challan Fee Mode, Submit Fee Any Branches of SBI

Eligibility UPTET 2021 Languages Available : Hindi, English, Urdu, Sanskrit

Primary Level

  • Passed 10+2 (Intermediate) Exam with 50% Marks and 4 Year B.LEd Degree OR
  • Bachelor Degree in Any Stream with B.Ed Degree OR
  • Diploma in Teacher from Aligarh Muslim University AMU, Aligarh OR
  • Moaalizm E Urdu Exam Passed OR
  • D.Ed Special Exam Passed
  • 2 Year BTC Or Special BTC Exam Passed

Junior Level

  • Bachelor Degree / Master Degree with 50% Marks with B.Ed / B.Ed Special Exam Passed OR
  • Bachelor Degree / Master Degree with BTC Training 2 Year Exam Passed OR
  • 10+2 Intermediate Exam with 50% Marks and B.LEd 4 Year Course OR
  • 10+2 Inter Exam with 50% Marks and B.SC Ed Exam Passed

UPTET Syllabus and Exam Pattern:

UPTET Syllabus & Exam Pattern पेपर 1 और पेपर 2 एक ही दिन में २ पालियों में Uttar Pradesh Basic Education Board द्वारा आयोजित की जाती है |

उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित कराई जाने वाली एक राज्य स्तरीय परीक्षा है जिसके माध्यम से स्कूलों में प्राइमरी (कक्षा 1 से 5 तक) एवं अपर-प्राइमरी (कक्षा 6 से 8 तक) के लिए टीचर्स की भर्ती होती है. उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक के रूप में काम करने के इच्छुक उम्मीदवार के लिए UPTET की परीक्षा बहुत महत्वपूर्ण होती है|

इस परीक्षा में दो पेपर होते हैं (पेपर 1 और पेपर 2). उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को UPTET Paper I पास करना होता है वहीं कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों को पेपर 2 पास करना ज़रूरी होता है. इस परीक्षा को पास करने के लिए यूपीटीईटी सिलेबस और परीक्षा पैटर्न समझना ज़रूरी है|

UPTET Syllabus and Exam Pattern Paper -1

विषय प्रश्‍नों की संख्‍या (अंक) कुल समय
बाल विकास एवं अध्‍यापन 30 प्रश्न (30 अंक) 150 Minutes
गणित 30 प्रश्न (30 अंक)
भाषा – 1 (हिन्‍दी) 30 प्रश्न (30 अंक)
भाषा – 2 (अंग्रेज़ी, उर्दू, संस्कृत में से कोई एक) 30 प्रश्न (30 अंक)
पर्यावरण अध्ययन 30 प्रश्न (30 अंक)
कुल 150 प्रश्न (150 अंक)  

UPTET Syllabus and Exam Pattern Paper -1

I. बाल विकास और शिक्षण विधियां [30 प्रश्न]

(क) बाल विकास (कक्षा 1 से 5, 6 से 11 आयु समूह के लिए प्रासंगिक) [15 प्रश्न]

  • विकास की अवधारणा तथा अधिगम के साथ उसका सम्बन्ध
  • बालकों के विकास के सिद्धांत
  • आनुवांशिकता और पर्यावरण का प्रभाव
  • सामाजिकीकरण प्रक्रियाएं: सामाजिक विश्व और बालक (शिक्षक, अभिभावक और मित्रगण)
  • पाइगेट, कोलबर्ग और वायगोट्स्की: निर्माण और विवेचित संदर्श
  • बाल-केन्द्रित और प्रगामी शिक्षा की अवधारणाएं
  • बौद्धिकता के निर्माण का विवेचित संदर्श
  • बहु-आयामी बौद्धिकता
  • भाषा और चिंतन समाज निर्माण के रूप में लिंग: लिंग भूमिकाएं. लिंग-पूर्वाग्रह और शैक्षणिक व्यवहार
  • शिक्षार्थियों के मध्य वैयक्तिक विभेद, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता पर आधारित विभेदों को समझाना
  • अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन के बीच अंतर, विद्यालय आधारित मूल्यांकन,
  • सतत एवं व्यापक मूल्यांकन: संदर्श और व्यवहार
  • शिक्षार्थियों की तैयारी के स्तर के मूल्यांकन के लिए; कक्षा में शिक्षण और विवेचित चिंतन के लिए तथा शिक्षार्थी की उपलब्धि के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना।

(ख) समावेशी शिक्षा की अवधारणा तथा विशेष आवश्यकता वाले बालकों को समझना 5 प्रश्न

  • गैर-लाभप्राप्त और अवसर-वंचित शिक्षार्थियों सहित विभिन्न पृश्ठभूमियों से आए शिक्षणार्थियों की आवश्यकताओं को समझना।
  • अधिगम संबंधी समस्याएं, कठिनाई वाले बालकों की आवश्यकताओं को समझना।
  • मेधावी, सृजनशील, विशिष्ट प्रतिभावान शिक्षणार्थियों की आवश्यकताओं को समझना।।

(ग) अधिगम और अध्यापन [10 प्रश्न]

  • बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं, बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं।
  • अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएं, बालकों की अधिगम कार्यनीतियां सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगमः अधिगम के सामाजिक संदर्भ ।
  • एक समस्या समाधानकर्ता और एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बालक।
  • बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना। बोध और संवेदनाएं प्रेरणा और अधिगम
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक – निजी एवं पर्यावरणीय।।

॥. भाषा I [30 प्रश्न]

(क) भाषा बोधगम्यता [15 प्रश्न]

अनदेखे अनुच्छेदों को पढ़ना – दो अनुच्छेद एक गद्य अथवा नाटक और एक कविता जिसमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे (गद्य अनुच्छेद साहित्यिक, वैज्ञानिक, वर्णनात्मक अथवा तर्कमूलक हो सकता है)

(ख) भाषा विकास का अध्यापन [15 प्रश्न]

  • अधिगम और अर्जन भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिकाः भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं। मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की। भूमिका पर निर्णायक संदर्श । एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां; भाषा की कठिनाईयां, त्रुटियां और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखनाअध्यापन – अधिगम सामग्रियां: पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
  • उपचारात्मक अध्यापन

III. भाषा – ॥ [30 प्रश्न]

(क) बोधगम्यता [15 प्रश्न]

दो अनदेखे गद्य अनुच्छेद (तर्कमूलक अथवा साहित्यिक अथवा वर्णनात्मक अथवा वैज्ञानिक) जिनमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे।

(ख) भाषा विकास का अध्यापन [5 प्रश्न]

  • अधिगम और अर्जन भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं।
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां: भाषा की कठिनाइयां, त्रुटियां और विकार भाषा कौशल भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • अध्यापन अधिगम सामग्री पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
  • उपचारात्मक अध्यापन

V. गणित

(क) विषय-वस्तु

  • ज्यामिति
  • आकार और स्थानिक समझ
  • हमारे चारों ओर विद्यमान ठोस पदार्थ
  • संख्याएं
  • जोड़ना और घटाना
  • गुणा करना
  • विभाजन
  • मापन
  • भार
  • समय परिमाण
  • आंकड़ा प्रबंधन
  • पैटर्न
  • राशि

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे [15 प्रश्न]

  • •गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति, बालक के चिंतन एवं तर्कशक्ति पैटर्नी तथा अर्थ निकालने और अधिगम की कार्यनीतियों को समझना
  • पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित
  • औपचारिक एवं अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन
  • शिक्षण की समस्याएं
  • त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम एवं अध्यापन के प्रासंगिक पहलू
  • नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण

V. पर्यावरणीय अध्ययन

(क) विषय-वस्तु [15 प्रश्न]

  1. परिवार और मित्र
  2. संबंध
  3. कार्य और खेल
  4. पशु
  5. पौधे
  6. भोजन
  7. आश्रय
  8. पानी
  9. भ्रमण
  10. वे चीजें जो हम बनाते और करते हैं

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे [15 प्रश्न]

  • •पर्यावरणीय अध्ययन की अवधारणा और व्याप्ति
  • पर्यावरणीय अध्ययन का महत्व, एकीकृत पर्यावरणीय अध्ययन
  • पर्यावरणीय अध्ययन एवं पर्यावरणीय शिक्षा
  • अधिगम सिद्धांत
  • विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की व्याप्ति और संबंध
  • अवधारणा प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण
  • क्रियाकलाप
  • प्रयोग/व्यावहारिक कार्य चर्चा
  • सतत् व्यापक मूल्यांकन
  • शिक्षण सामग्री/उपकरण
  • समस्याएं

UPTET Syllabus and Exam Pattern Paper -2

विषय प्रश्‍नों की संख्‍या (अंक) कुल समय
बाल विकास एवं अध्‍यापन 30 प्रश्न (30 अंक) 150 Minutes
भाषा – 1 30 प्रश्न (30 अंक)
भाषा – 2 30 प्रश्न (30 अंक)
विज्ञान एवं गणित या सामाजिक विज्ञान 60 प्रश्न (60 अंक)
कुल 150 प्रश्न (150 अंक)  

UPTET Syllabus and Exam Pattern Paper -2

Paper ।। (कक्षा VI से VI॥ के लिए) उच्च प्राथमिक स्तर [30 प्रश्न]

I. बाल विकास और अध्यापन [30 प्रश्न]

(क) बाल विकास (कक्षा 6 से 8, 11 से 14 आयु समूह के लिए प्रासंगिक) [15 प्रश्न]

• विकास की अवस्था तथा अधिगम से उसका संबंध

• बालक के विकास के सिद्धांत ।

• आनुवांशिकता और पर्यावरण का प्रभाव सामाजिकीकरण दबाव: सामाजिक विश्व और बालक (शिक्षक, अभिभावक और मित्रगण)

• पाइगेट, कोलबर्ग और वायगोट्स्की : निर्माण और विवेचित संदर्श

• बाल-केन्द्रित और प्रगामी शिक्षा की अवधारणाएं

• बौद्धिकता के निर्माण का विवेचित संदर्श

• बहु-आयामी बौद्धिकता

• भाषा और चिंतन

• समाज निर्माण के रूप में लिंग: लिंग भूमिकाएं. लिंग-पूर्वाग्रह और शैक्षणिक व्यवहार शिक्षार्थियों के मध्य वैयक्तिक विभेद, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता पर आधारित विभेदों को समझना।

• अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम के मूल्यांकन के बीच अंतर, विद्यालय आधारित मूल्यांकन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन : संदर्श और व्यवहार

• शिक्षार्थियों की तैयारी के स्तर के मूल्यांकन के लिए, कक्षा में शिक्षण और विवेचित चिंतन के लिए तथा शिक्षार्थी की उपलब्धि के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना।

॥. भाषा I [30 प्रश्न]

(क) भाषा बोधगम्यता [15 प्रश्न]

अनदेखे अनुच्छेदों को पढ़ना – दो अनुच्छेद एक गद्य अथवा नाटक और एक कविता जिसमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे (गद्य अनुच्छेद साहित्यिक, वैज्ञानिक, वर्णनात्मक अथवा तर्कमूलक हो सकता है)

(ख) भाषा विकास का अध्यापन [15 प्रश्न]

• अधिगम अर्जन |

• भाषा अध्यापन के सिद्धांत

• सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं। मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर विवेचित संदर्श

• एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां: भाषा की कठिनाइयां, त्रुटियां और विकार

• भाषा कौशल

• भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना : बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना

• अध्यापन – अधिगम सामग्रियां: पाठ्यपुस्तक, मल्टी मीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन

• उपचारात्मक अध्यापन

भाषा – ॥ [30 प्रश्न]

(क) बोधगम्यता [15 प्रश्न]

दो अनदेखे गद्य अनुच्छेद (तर्कमूलक अथवा साहित्यिक अथवा वर्णनात्मक अथवा वैज्ञानिक) जिनमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से सम्बन्धित प्रश्न होंगे।

(ख) भाषा विकास का अध्यापन [15 प्रश्न]

• अधिगम और अर्जन

• भाषा अध्यापन के सिद्धांत

• सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं

• मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर विवेचित संदर्श

• एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियां भाषा की कठिनाईयां, त्रुटियां और विकार

• भाषा कौशल

• भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना

• अध्यापन- अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन

• उपचारात्मक अध्यापन

iv (क) गणित एवं विज्ञान [60 प्रश्न]

(i) गणित [30 प्रश्न]

(क) विषय-वस्तु [20 प्रश्न]

• अंक प्रणाली ।

(i) अंकों को समझना

(ii) अंकों के साथ खेलना

(iii) पूर्ण अंक

(iv) नकारात्मक अंक और पूर्णाक

(v) भिन्न

• बीजगणित

(i) बीजगणित का परिचय

(ii) समानुपात और अनुपात

• ज्यामिति

(i) मूलभूत ज्यामितिक विचार (2-डी)

(i) बुनियादी आकारों को समझना

(iii) सममिति ।

(iv) निर्माण (सीधे किनारे वाले मापक, कोणमापक, परकार का प्रयोग करते हुए)

• क्षेत्रमिति

(i) आंकड़ा प्रबंधन

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे [10 प्रश्न]

• गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति

• पाठ्यचर्या में गणित का स्थान

• गणित की भाषा

• सामुदायिक गणित

• मूल्यांकन

• उपचारात्मक शिक्षण

• शिक्षण की समस्याएं

(ii) विज्ञान [30 प्रश्न]

(क) विषय-वस्तु [20 प्रश्न]

• भोजन

• भोजन के स्रोत

• भोजन के घटक

• भोजन को साफ करना

• सामग्री

• दैनिक उपयोग की सामग्री

• जीवित प्राणियों की दुनिया

• चीजें, लोगों और विचारों को स्थानांतरित करना

• चीज़ें कैसे काम करती है

• इलेक्ट्रिक सर्किट

• चुंबक

• प्राकृतिक घटना

• प्राकृतिक संसाधन

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे [10 प्रश्न]

• विज्ञान की प्रकृति और संरचना

• प्राकृतिक विज्ञान/लक्ष्य और उद्देश्य

• विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना

• दृष्टिकोण/एकीकृत दृष्टिकोण प्रेक्षण/प्रयोग/अन्वेषण (विज्ञान की पद्धति)

• अभिनवता

• पाठ्यचर्या सामग्री/सहायता-सामग्री

• मूल्यांकन – संज्ञात्मक/मनोप्रेरक/प्रभावन

• समस्याएं

• उपचारात्मक शिक्षण

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KYA UP TET KE EXAM ME NEGATIVE MARKING HAI

NAHI UP TET EXAM ME  Paper I and Paper II me koi negative marking nahi hai

UP TET KE EXM KE PAPER ME KUL KITNE BHAG (PART) HAI?

UP TET KE EXAM KE EK PAPER ONE ME KUL 5 PART HOTE HAI .
1-बाल विकास एवं अध्‍यापन
2-गणित
3-भाषा – 1 (हिन्‍दी)
4-भाषा – 2 (अंग्रेज़ी, उर्दू, संस्कृत में से कोई एक)
4-पर्यावरण अध्ययन
UP TET KE EXAM KE EK PAPER TWO ME KUL 4 PART HOTE HAI .
बाल विकास एवं अध्‍यापन-30 प्रश्न (30 अंक)
भाषा – 1-30 प्रश्न (30 अंक)
भाषा – 2-30 प्रश्न (30 अंक)
विज्ञान एवं गणित या सामाजिक विज्ञान 60 प्रश्न (60 अंक)

UP TET KA PAPER KIS medium HINDI OR ENGLISH KISME HOTA HAI?

UPTET Exam Paper are bilingual, i.e. English and Hindi.

What is the syllabus of Tet 2021? UP TET KA SYLLABUS HAI?

UPTET Syllabus & Exam Pattern पेपर 1 और पेपर 2 एक ही दिन में २ पालियों में Uttar Pradesh Basic Education Board द्वारा आयोजित की जाती है |
उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित कराई जाने वाली एक राज्य स्तरीय परीक्षा है जिसके माध्यम से स्कूलों में प्राइमरी (कक्षा 1 से 5 तक) एवं अपर-प्राइमरी (कक्षा 6 से 8 तक) के लिए टीचर्स की भर्ती होती है. उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक के रूप में काम करने के इच्छुक उम्मीदवार के लिए UPTET की परीक्षा बहुत महत्वपूर्ण होती है|
इस परीक्षा में दो पेपर होते हैं (पेपर 1 और पेपर 2). उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को UPTET Paper I पास करना होता है वहीं कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों को पेपर 2 पास करना ज़रूरी होता है. इस परीक्षा को पास करने के लिए यूपीटीईटी सिलेबस और परीक्षा पैटर्न समझना ज़रूरी है|

How can I prepare for UP Tet?

The most important thing for preparing for the TET exam is mock tests, TET practice tests, and papers from previous years. Online practice tests are also necessary, except for classroom or self – study, as these tests provide the experience of a simulated or real examination.

Is UP Tet and Ctet same?

As the name suggests, CTET is a central government-conducted recruitment test while TET is a state government-conducted recruitment test. Even though both the tests are conducted for the same reason, the job vacancies, the schools and the applicability of the test vary between the two tests.

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3 thoughts on “📗UP TET (Teacher Eligibility Test) रिजल्ट 2021”

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