UPTET- 2021 में क्वालिफाई कर चुके बीएड डिग्री धारकों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UPTET(प्राइमरी लेवल) एग्जामिनेशन, 2021 में क्वालिफाई कर चुके बीएड डिग्री धारकों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगी, मामले को इस पोस्ट के माध्यम से पढ़े

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UPTET (प्राइमरी लेवलएग्जामिनेशन2021 में क्वालिफाई कर चुके बीएड डिग्री धारकों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। जस्टिस सिद्धार्थ की खंडपीठ ने प्रतीक मिश्रा और चार अन्य की ओर से दायर रिट याचिका पर यह आदेश जारी किया। उन्होंने बीएड का परिणाम घोषित न करने की प्रार्थना की थी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने TET (प्राइमरी लेवल) एग्जामिनेशन,
2021 में क्वालिफाई कर चुके बीएड डिग्री धारकों को पात्रता प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है।
जस्टिस सिद्धार्थ की खंडपीठ ने प्रतीक मिश्रा और चार अन्य की ओर से दायर रिट याचिका पर यह आदेश जारी किया।

उन्होंने बीएड का परिणाम घोषित न करने की प्रार्थना की थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील, एडवोकेट तानिया पाण्डेय ने प्रस्तुत किया कि बीएड राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने नवंबर 2021 के फैसले में डिग्री धारकों को प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा I से V) में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए अपात्र घोषित किया है।
उनका आगे यह निवेदन था कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 28 जून, 2018 के एनसीटीई (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद) के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें बीएड डिग्री धारकों को भी प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने के लिए योग्य माना गया था। 

याचिकाकर्ताओं की यह विशिष्ट दलील थी कि जब अधिसूचना को ही रद्द कर दिया गया था, तो बीएड डिग्री धारक अब प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने के योग्य नहीं हैं। इसलिए TET,2021 पास करने वाले बीएड डिग्री धारकों का पात्रता प्रमाण पत्र जारी न किया जाए।

एडवोकेट पाण्डेय ने यह भी प्रस्तुत किया कि उत्तर प्रदेश राज्य में राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय पर विचार नहीं किया है और TET की परीक्षा के परिणाम 25.02.2022 को घोषित किए गए और अब चयनित उम्मीदवारों के प्रमाण पत्र वितरित किए जाने वाले हैं ।

परीक्षा प्राधिकरण (प्रतिवादी संख्या 3) द्वारा यह स्वीकार किया गया था कि राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा एनसीटीई की अधिसूचना को रद्द कर दिया गया था और यदि उपरोक्त निर्णय के अनुसरण में कोई अधिसूचना की गई थी तो उसका अनुपालन किया जाएगा। इसके जवाब में एडवोकेट पाण्डेय ने कहा कि उचित अधिसूचना जारी करना राज्य सरकार का काम है।

इसे देखते हुए कोर्ट ने स्टैंडिंग काउंसल से जवाब मांगा और इस संबंध में निर्देश मांगा कि क्या यूपी राज्य में राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार कोई अधिसूचना जारी की गई है।
 नतीजतन, इस मामले को 16 मई, 2022 को एक नए मामले के रूप में पोस्ट करते हुए, कोर्ट ने आदेश दिया कि TET -2021 के लिए क्वालीफाई कर चुके उम्मीदवारों को कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।

केस शीर्षक – प्रतीक मिश्रा और 4 अन्य बनाम यूपी राज्य और 2 अन्य [WRIT – A No. – 1512 of 2022]

UP-TET से जुड़ी खास बातें

  • UP-TET के लिए कुल 21,65,179 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।
  • इनमें से 12,91,627 प्राइमरी लेवल और 8,73,552 अपर प्राइमरी लेवल के उम्मीदवार पंजीकृत थे।
  • UP-TET​​​​​​​ पहले 28 नवंबर, 2021 को होनी थी, लेकिन पेपर लीक के कारण टाल दी गई।
  • बाद में 23 जनवरी, 2022 को हुई। परीक्षा में 18,22,112 उम्मीदवार शामिल हुए।
  • इनमें से 10,73,302 यानी 83.09% ने प्राइमरी लेवल की परीक्षा में भाग लिया था।
  • जबकि 7,48,810 यानी 85.72% उम्मीदवारों ने अपर प्राइमरी लेवल की परीक्षा दी थी।
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