UPSSSC Preliminary Eligibility Test – PET (प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा)

UPSSSC Preliminary Eligibility Test – PET (प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा)

प्रदेश के विभिन्न विभागों में अधीनस्थ सेवाओं (ग्रुप-सी तृतीय श्रेणी) आयोग द्वारा वर्ष में दो बार UPSSSC Preliminary Eligibility Test – PET (प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा) आयोजित कराया जाना प्रस्तावित है। इस परीक्षा के मुख्य बिन्दु निम्नवत होंगे –

  • UPSSSC Preliminary Eligibility Test – PET (प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा)  के अन्तर्गत अभ्यर्थी के सामान्य ज्ञान (General Knowledge) व समसामयिक विषय (Current Affairs), हिन्दी भाषा ज्ञान, तार्किक क्षमता (Reasoning) व हाईस्कूल स्तर की सामान्य गणित (Highschool Level Basic Mathematics) का परीक्षण किया जाएगा।
  • प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा (Preliminary Eligibility Test – PET) में आवेदकों को परसेंटाइल (Percentile) आधार पर स्कोर प्रदान किया जाएगा।
  • किसी अभ्यर्थी द्वारा प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा (Preliminary Eligibility Test – PET) में प्राप्त स्कोर अगले तीन वर्ष तक वैध रहेगा।
  • अभ्यर्थी के पास यह विकल्प उपलब्ध रहेगा कि वह प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा (Preliminary Eligibility Test – PET) में प्राप्त स्कोर को सुधारने हेतु पुनः परीक्षा में प्रतिभाग कर सके। इस प्रकार के अवसरों हेतु कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी।
  • अगले स्तर की मुख्य परीक्षा/ कौशल परीक्षा/शारीरिक परीक्षा हेतु शार्टलिस्ट/चयनित किए जाने हेतु अभ्यर्थी के वैध अवधि (विगत तीन वर्ष) में प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षाओं में प्राप्त उच्चतम स्कोर को मान्यता दी जाएगी।
  • अभ्यर्थी की सहमति प्राप्त कर उसके विवरण यथा – नाम, पता, शैक्षिक योग्यता, ई-मेल व मोबाइल नम्बर तथा उसके द्वारा प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त स्कोर को निजी क्षेत्र के सेवायोजकों को भी उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जायेगी ताकि यदि किसी अभ्यर्थी का शासकीय सेवा में चयन नहीं हो पाता तो भी उसे निजी क्षेत्र में सेवायोजन के अवसर सुलभ रहें।

UPSSSC Mains Examination मुख्य परीक्षा/कौशल परीक्षा/शारीरिक परीक्षा

प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा (Preliminary Eligibility Test – PET) में प्राप्त स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को अगले स्तर की मुख्य परीक्षा/कौशल परीक्षा/शारीरिक परीक्षा आदि के लिए शार्टलिस्ट/चयनित किया जाएगा। इन परीक्षाओं का आयोजन संबंधित विभाग एवं विज्ञापित पदों की विशिष्ट आवश्यकताओं व संबंधित सेवानियमावलियों के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

इन परीक्षाओं का आयोजन संबंधित विभाग एवं विज्ञापित पदों की विशिष्ट आवश्यकताओं व संबंधित सेवानियमावलियों के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। इन परीक्षाओं के मुख्य बिन्दु निम्नवत होंगे –

  • मुख्य परीक्षा (Main Examination) का आयोजन केवल प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त स्कोर के आधार पर शार्टलिस्ट/चयनित किये गये अभ्यर्थियों (जिनकी संख्या अपेक्षाकृत सीमित होगी) हेतु ही किया जाएगा।
  • किसी भी विज्ञापित पद हेतु आयोजित की जाने वाली मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की शार्टलिस्टिंग (1) प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त परसेंटाइल स्कोर के निर्धारित कट ऑफ (उदाहरणार्थ 90% परसेंटाइल स्कोर) के आधार पर अथवा (2) विज्ञापित पदों की संख्या के 15 गुना आवेदकों की प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त परसेंटाइल स्कोर के अवरोही क्रम में तैयार की गयी सूची के आधार पर, की जा सकती है।
  • मुख्य परीक्षा हेतु विषय/पाठ्यक्रम का निर्धारण संबंधित अधियाचनकर्ता विभाग के परामर्श से, शासन के अनुमोदन से किया जाएगा।
  • इन परीक्षाओं का आयोजन यथावश्यकता ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन मोड में राजधानी लखनऊ में अथवा चयनित मण्डल मुख्यालयों पर किया जाएगा।
  • जिन पदों हेतु किन्हीं विशिष्ट योग्यताओं/कौशल, जैसे टंकण, आशुलेखन व ड्राइविंग आदि की आवश्यकता होती है. उनके लिए संबंधित योग्यता/कौशल के परीक्षण हेतु आयोग द्वारा परीक्षाओं का आयोजन कराया जाएगा। इन कौशल परीक्षाओं/शारीरिक परीक्षाओं के लिए भी अभ्यर्थियों की शार्टलिस्टिंग उनके द्वारा प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त परसेंटाइल स्कोर के आधार पर की जाएगी।
  • जिन पदों हेतु शारीरिक क्षमताओं जैसे दौड़, साइकिल चालन व अन्य शारीरिक मापदण्डों के आंकलन की आवश्यकता होती है, उनके लिए यथावश्यकता प्रतियोगिताओं/परीक्षणों का आयोजन संबंधित विशेषज्ञों/चिकित्सकों के सहयोग से आयोग स्तर पर किया जाएगा।

जिन पदों हेतु सेवानियमावलियों में विभिन्न पाठ्येतर योग्यताओं जैसे राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), खेल-कूद अथवा अर्हकारी परीक्षाओं (हाईस्कूल, इण्टरमीडिएट आदि) में प्राप्त अंकों को निर्धारित भारिता Weightage) के अनुसार सम्मिलित किया जाना अपेक्षित है, उन पदों हेतु पाठ्येतर योग्यताओं के अंकों को, यथानियम, मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ जोड़कर अन्तिम मेरिट लिस्ट/चयन सूची बनायी जाएगी।

UPSSSC Preliminary Eligibility Test – PET (प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा) नवीन आवेदन प्रक्रिया एवं द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली के लाभ

  • नवीन आवेदन प्रक्रिया से अभ्यर्थियों को आयोग द्वारा निर्गत अलग-अलग विज्ञापनों के सापेक्ष विभिन्न पदों हेतु आवेदन करने के लिए बारम्बार अपने विवरण व अभिलेखों आयोग के पोर्टल पर भरने/अपलोड करने की आवश्यकता नहीं रहेगी, जिससे न केवल उनके समय, श्रम व धन की बचत होगी बल्कि आयोग को भी इस कार्य हेतु बार-बार अनावश्यक समय, श्रम व धन व्यय नहीं करना पड़ेगा।
  • द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली लागू हो जाने पर आयोग द्वारा वर्ष में वृहद स्तर पर आयोजित होने वाली केवल 02 प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षाओं का ही आयोजन करना होगा। मुख्य परीक्षाओं हेतु शार्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षाकृत काफी सीमित होने के कारण आयोग द्वारा विभिन्न विभागों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप मुख्य/कौशल/शारीरिक परीक्षाओं का आयोजन सुगमतापूर्वक व अधिक संख्या में किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में अधीनस्थ सेवाओं के रिक्त पदों के सापेक्ष चयन प्रक्रिया को गति मिल सकेगी व शासन की अपेक्षानुसार रिक्त पदों को शीघ्रता पूर्वक भरा जा सकेगा।
  • अभ्यर्थियों को न केवल शासकीय सेवाओं में चयन हेतु प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा बल्कि आयोग द्वारा आयोजित प्रारम्भिक अर्हकारी परीक्षा में प्राप्त स्कोर के आधार पर निजी क्षेत्र में भी सेवायोजन के अवसर सुलभ हो सकेंगे।
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