14वें वित्त आयोग से संबंधित तथ्यात्मक विवरण

14वें वित्त आयोग का गठन जनवरी, 2013 में किया गया तथा अपनी रिपोर्ट संस्तुतियों सहित महामहिम राष्ट्रपति को 15 दिसंबर, 2014 को प्रस्तुत की गई। • रिपोर्ट को कार्यवाही ज्ञापन सहित केंद्र सरकार द्वारा 24 फरवरी, 2015 को संसद में प्रस्तुत किया गया। आयोग द्वारा राज्यों का विभाज्य पूल में अंश को 32 प्रतिशत से

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15वां आयोग वित्त आयोग (15th Finance Commission)

15वां आयोग वित्त आयोग (15th Finance Commission) वित्त आयोग (प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1951′ |Finance Commission (Miscellaneous Provisions) Act, 19511 के उपबंधों के साथ पठित संविधान के अनुच्छेद 280 के खंड (1) के असरण में भारत सरकार ने राष्ट्रपति की स्वीकृति से 27 नवंबर. 2017 को 15वें वित्त आयोग के गठन की घोषणा की थी। 15वें

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प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income -P.C.I.)

प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income -P.C.I.) प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income -P.C.I.) उस आय को कहा जाता है जब किसी देश के कुल राष्ट्रीय आय (NNP on factor cost) को जब उस देश की उस वर्ष की मध्यावधि तिथि (१ जुलाई) की जनसंख्या से विभाजित किया जाता है। यह हमें उस देश के

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प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) क्या है ?

प्रधानमंत्री जन धन योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना में अभी तक 38.35 करोड़ लाभार्थियों ने बैंको में धनराशि जमा की है लाभार्थियों के खाते में ₹129,625.70 करोड़ रुपये की धनराशि जमा है उप सेवा क्षेत्रों में 1.26 लाख बैंक मित्र शाखा रहित बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहे है | प्रधानमंत्री जन धन योजना (संक्षेप में

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मुद्रा स्फीति एवं उसके प्रकार

मुद्रा स्फीति मुद्रा स्फीति की धारणा एक सामान्य प्राकृतिक धारणा है जिसकी चर्चा प्रायाः सभी आर्थिक तथा राजनीतिक चर्चाओं में होती है। स्फीति वह स्थिति है जिसमें मुद्रा का मूल्य गिर रहा हो अर्थात वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हों। मुद्रा स्फीति का यह एक सामान्य लक्षण है कि मूल्य स्तर में वृद्धि होगी और

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औद्योगिक अर्थव्यवस्था (Industrial Economy)

औद्योगिक अर्थव्यवस्था (Industrial Economy) इसको तीन भागों में बांट सकते हैं- 1. भारी एवं आघारभूत उद्योग 2. मध्यम आकार के उद्योग 3. लघु एवं कुटीर उद्योग (सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम) वर्ष 2006 के बाद लघु एवं कुटीर उद्योगों को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम के नाम से जाना जाता है। उद्योग किसी अर्थव्यवस्था को

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विनिमय दर

विनिमय दर अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के अन्तर्गत अलग-अलग देशों में अलग-अलग मुद्रायें प्रचलित रहती हैं और अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार प्रारम्भ करने से पूर्व यह समस्या होती है कि मुद्राओं के बीच विनिमय दर का निर्धारण कैसे किया जाय। किसी मुद्रा की कीमत को अन्य मुद्रा के रूप में व्यक्त करना विनिमय दर कहलाता है। $= 0.60 विनिमय

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अभ्यंस/कोटा

अभ्यंस/कोटा इसके अन्तर्गत भुगतान शेष नियंत्रित करने के लिए आयातों की मात्रा निर्धारित की जाती हैं अथवा उनका कोटा निर्धारित कर दिया जाता है जिससे देश उस मात्रा से अधिक वस्तु का आयात नहीं करता है। भारत में चालू खाते का घाटा वर्ष- 2013-14 में कुछ कम हुआ और इस दौरान यह 32.4 बिलियन डालर

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भुगतान शेष (Blance of Payment)

भुगतान शेष (Blance of Payment) भुगतान शेष किसी देश का अन्य देशों के साथ होने वाले समस्त आर्थिक लेन देन का लेखा होता है। जिसमें दोहरी प्रविष्टि की जाती है। भुगतान संतुलन के अवयव (Components of Blance of Payment) भुगतान शेष में चालू खाता एवं पूंजी खाता होतें हैं। चालू खाते में वस्तुगत व्यापार एवं अदृश्य

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म्यूचुअल फण्ड (Mutual funds) , Meaning, concept and Types of Mutual Fund

म्यूचुअल फण्ड (Mutual Funds) Meaning इसका तात्पर्य विशेषज्ञों द्वारा पूंजी बाजार में उन निवेसकों के पैसे लगाने से होता है जिन्हें पूंजी बाजार के सम्बन्ध में उपयुक्त जानकारी नहीं मिलती है। अथवा वे जोखिम से बचना चाहतें है। ऐसे में बाजार विशेषज्ञयों की सलाह में पूंजी निवेश का कार्य किया जाता है। यह दो प्रकार

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