सूर्य(Sun)

सूर्य एक तारा है। सूर्य के धरातल का तापमान 6000अंश से0 पाया जाता है। सूर्य के केन्द्र का तापमान 15 मिलियन डिग्री से0 से अधिक होता है। पृथ्वी से सूर्य की औसत दूरी 14.96 (15) करोड़ किलोमीटर है। सूर्य के प्रकाश की गति 3 लाख कि0मी/से0 है। सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के करीब 8 मिनट 30 सेकेण्ड में पहुंचता है।

सूर्य में हाइड्रोजन का हीलियम के रूप में संलयन होता है। सूर्य के धरातल को फोटोस्फेयर कहते हैं। फोटो स्फेयर की सतह पर काले, ठण्डे धब्बे पाये जाते है जिसे Sun Sptot सूर्य के वायुमंडल को क्रोमोस्फेयर कहते हैं।

सौर्य कलंक की खोज का श्रेय गैलेलियों महोदय को प्राप्त है। सौर्य कलंक के आंतरिक अधिक काले भाग को अम्ब्रा (Umbra) कहा जाता है तथा इसके अपेक्षाकृत कम काले बाह्य भाग को पेन अम्ब्रा (Pan-Umbra) कहते हैं। सौर्य कलंक की अधिकतम अवधि 11 साल मानी जाती है।

सूर्य पृथ्वी से 109 गुना बड़ा है। पृथ्वी से 3 लाख 30 हजार गुना भारी है। सूर्य से निकलने वाले ऊष्मा एवं प्रकाश की दर 1026 जूल/सेकेण्ड है। सूर्य का कक्षीय वेग 250 कि0मी0/सेकेण्ड है। सूर्य की संवहनीय मेखला सौर्य कोशिकाओं से बनी होती है, जिससे सौर ऊर्जा निरंतर निकलती रहती है। सूर्य में प्रकाश रासायनिक क्रिया के फलस्वरूप सौर्य कोशिकाओं की संरचना विकसित होती है।

  • हाइड्रोजन 73.46%  हीलियम 24.85% आक्सीजन 0.77%.
  • कोरोना सूर्य के वायुमंडल का बाह्य भाग है जो सूर्य ग्रहण के समय दिखता है।

ग्रह (Planet)

ग्रह वैसे खगोलीय या आकाशीय पिंड होते हैं जो सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। ये सूर्य या अन्य तारे के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं।

  • ग्रहों की संख्या 8 है।

सूर्य से दूरी के अनुसार ग्रहों के नाम है-

दूरी के अनुसार  आकार के अनुसार
  1. बुध
  2. शुक्र
  3. पृथ्वी
  4. मंगल
  5. बृहस्पति
  6. शनि
  7. यूरेनस
  8. वरूण
  1. बृहस्पति
  2. शनि
  3. अरूण
  4. वरूण
  5. पृथ्वी
  6. शुक्र
  7. मंगल
  8. बुध

बुध(Mercury)

बुध सौरमण्डल का दूसरा सर्वाधिक गर्म ग्रह है। सूर्य की न्यूनतम समय में (88 दिन) परिक्रमा करने वाला भी ग्रह है। बुध का कक्षीय वेग सर्वाधिक होता है (48 कि.मी./से)

बुध को युनानी भाषा में अपोलों कहा जाता है। बुध एक मात्र ग्रह है जिस पर अपने नाम का खनिज (मर्करी) पाया जाता है। इस ग्रह का तापांतर सर्वाधिक होता है। यह लगभग 430cअंश तथा 170cअंश  होता है। शुक्र की तरह बुध ग्रह के कोई उपग्रह नहीं होते हैं।

बुद्ध का व्यास 4880 कि.मी. है। इसकी सूर्य से औसत दूरी 58 मिलियन कि.मी. ;0ण्39 ।न्द्ध है। यह सूर्य का चक्कर 88 दिनों में पूरा करता है। बुध अपने अक्ष के चारों ओर 59 दिन में चक्कर लगाता है। बुध पर वायुमंडल का अभाव है, इस पर दिन और रात के तापमान में काफी अन्तर रहता है। बुध पर चन्द्रमा की तरह बड़े-बड़े पहाड़ व क्रेटर है। बुध परिमाण में पृथ्वी का 18वाँ भाग है। बुद्ध का गुरूत्वाकार्षण पृथ्वी का 3/8 है।

शुक्र(Venus)

बुध को सुबह का तारा एवं शाम का तारा कहा जाता है।शुक्र ग्रह को पृथ्वी से आकार एवं भार में समानता के कारण पृथ्वी की बहन ग्रह कहते हैं। शुक्र पृथ्वी का निकटतम् ग्रह है। शुक्र अधिक तापमान तथा ऊर्जा के अधिकतम् परावर्तन के कारण सर्वाधिक चमकीला ग्रह है। शुक्र का वायुमंडल अधिक cO2 संघन है, अतः यह अत्यधिक गर्म है। (480cअंश)  शुक्र ग्रह को प्रेशर कुकर सदृश ग्रह कहा जाता है। शुक्र ग्रह का कोई उपग्रह नहीं होता। इसे यूनानी भाषा में फास्फोरस (सुबह का तारा) तथा हेसपेरस (शाम का तारा) कहा जाता है। शुक्र का परिभ्रमण दिशा अन्य ग्रहों की अपेक्षा विपरीत (पूर्व से पश्चिम) होती है। इसका सर्वोच्च बिंदु मैक्सवेल हैं। शुक्र ग्रह के पश्चिम भाग में विस्तृत चैरस पठार पाया जाता है जिसे लक्ष्मी पठार कहते हैं। शुक्र ग्रह के उत्तर में स्थित पर्वतीय क्षेत्र को बेटा क्षेत्र कहते हैं। शुक्र के दक्षिण में अल्फा ज्वालामुखी शील्ड पाये जाते हैं।                                                          सूर्य से इसकी दूरी 10.82 करोड़ कि.मी. है।                                                                                                                                              इसका व्यास 12,104 कि.मी. है।                                                                                                                                                            इसके वायुमण्डल में 95ः कार्बन डाइआक्साइड पायी जाती है।