यूरोप

कैंटाब्रियनः- उत्तरी स्पेन में आइबेरिया प्रायद्वीप में स्थित अल्पाइन क्रम का मोडदार पर्वत।

पिरेनीजः- अल्पाइन क्रम का मोड़दार पर्वत फ्रांस व स्पेन की सीमा बनाता है।

आल्प्सः- अल्पाइन क्रम का मोड़दार पर्वत, फ्राॅस व इटली की सीमा बनाता है।

जूराः- जुरैसिक काल में निर्मित मोड़दार पर्वत फ्रांस व स्विट्जरलैंड की सीमा बनाता है। राइन व डेन्यूब नदियों का उद्गम स्त्रोत।

 वाॅस्जेजः- हर्सीनियन पर्वतीकरण में निर्मित ब्लाॅक पर्वत का उदाहरण, फ्रांस व जर्मनी की सीमा बनाता है।

ब्लैक फाॅरेस्टः- जर्मनी में स्थित हाॅस्र्ट पर्वत हर्सीनियन पर्वतीकरण का उदाहरण। ब्लैक फाॅरेस्ट व वाॅस्जेज ब्लाॅक पर्वतों के माध्य राइन की भू-भ्रंश घाटी स्थित है।

 पेनाइन पर्वत श्रेणीः- इंग्लैंड के उत्तर-दक्षिण मे फैला हुआ प्राचीन मोड़दार पर्वत, वर्तमान अवशिष्ट पर्वत।

 डिनारिक आल्प्स:- भूतपूर्व यूगोस्लाविया के क्षेत्र में स्थित अल्पाइन क्रम के पर्वत चूना पत्थर संरचना हेतु प्रसिद्ध।

पिंडस पर्वत:- ग्रीस में स्थित अल्पाइन क्रम का मोड़दार पर्वत। कारपेथियन पर्वत:- अल्पाइन क्रम का मोड़दार पर्वत। कारपोथियन पर्वत व डिनारिक आल्प्स मध्य हंगरी का मैदान स्थित है। विस्टुला, नीस्टर आदि नदियों का उद्गम स्थल।

 एपेनाइन पर्वत:- इटली में स्थित अल्पाइन क्रम में स्थित मोड़दार पर्वत।  बाल्कन पर्वतः बालकन प्रायद्वीप में स्थित मोड़दार पर्वत अल्पाइन पर्वतीकरण में निर्मित।

यूराल पर्वत:- यूरोप व एशिया की सीमा निर्धारित करने वाला वलित पर्वत नदी का उद्गम स्त्रोत।

काकेशस श्रेणी:- काला सागर व कैस्पियन सागर के मध्य अल्पाइन पर्वतीकरण, यूरोप की सर्वोच्च चोटी एल्बु्रश अवस्थित।

पाॅण्टिक श्रेणी:- तर्की के उत्तरी भाग में मोड़दार पर्वत, अल्पाइन पर्वतीकरण में निर्मित।

 टाॅरेस श्रेणी:- तुर्की के दक्षिणी भाग में स्थित अल्पाइन पर्वत। टाॅरेस व पाॅण्टिक पर्वत श्रेणियों के मध्य ही अनातोलिया का पठार स्थित है।

  एशिया ; (Asia)

एल्बुर्ज श्रेणी:- कैस्पियन सागर दक्षिण भाग में ईरान में स्थित अल्पाइन पर्वतीकरण, सर्वोच्च चोटी-देमावंद। ईरान का पठार एलबुर्ज व जाग्रोस पर्वत श्रेणियों के मध्य ही स्थित है।

 जाग्रोस श्रेणी:- मध्य-पश्चिम ईरान में स्थित अल्पाइन पर्वतीकरण। सर्वोच्च चोटी-जाॅर्डकुह।

हिमालय पर्वत:- पूर्व-पश्चिम में स्थित विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रेणी, सर्वोच्च चोटी-माउंट एवरेस्ट।

हिंदूकुश श्रेणी:- पामीर के गाॅठ से निकला नवीन मोड़दार पर्वत, पाकिस्तान व अफगानिस्तान की सीमा का निर्धारक, खैबर दर्रा इसी में स्थित है।

  सुलेमान श्रेणी:- पामीर की गाॅठ से निकली पर्वत श्रेणी अल्पाइन पर्वतीकरण, पाकिस्तान मे स्थित। हिमालय के पश्चिमी मोड़ से निकला है।

किरथर श्रेणी:- सुलेमान पर्वत श्रेणी का दक्षिणी विस्तार, पाकिस्तान में स्थित बोलन व गोमल दर्रा यहीं हैं।

 क्युनलुन श्रेणी:- पामीर की गाॅठ से निकला अल्पाइन क्रम का मोड़दार पर्वत चीन में स्थित।

साल्ट रेंज:- पाकिस्तान में स्थित ब्लाॅक पर्वत का उदाहरण , जिप्सम व सेंधा नमक के लिए विख्यात।

 कराकोरम श्रेणी:- पामीर की गाॅठ से निकला भारत स्थित अल्पाइन क्रम का मोड़दार पर्वत कराकोरम दर्रा व सियाचिन ग्लेशियर इसी में स्थित है।

 तिएन-शान:- चीन में स्थित वलित पर्वत, हर्सीनियन पर्वतीकरण का उदाहरण ।

 नाॅन-शान:- चीन में स्थित वलित पर्वत, हर्सीनियन पर्वतीकरण का उदाहरण।

 श्यान पर्वत:– मंगोलिया व रूस की सीमा का निर्धारक, हर्सीनियन पर्वतीकरण का उदाहरण।

खिंगन पर्वत:- चीन स्थित नवीन वलित पर्वत।

याब्लोनोव श्रेणी:- रूस व चीन की सीमा का निर्धारण आमूर नदी यहीं से निकलती है।

 स्टेनवाॅय श्रेणी:- रूस में स्थित, नवीन वलित पर्वत का उदाहरण।

 बरखोयांस्क पर्वत:- रूस के पूर्वी भाग (साइबेरिया) में स्थित, कई नदियों का उद्गम

स्त्रोतकोलिमा श्रेणी:– रूस के पूर्वी क्षेत्र में स्थित उत्तर-दक्षिण पर्वत श्रेणी, इसे जिदान श्रेणी भी कहते हैं। कमचटका श्रेणी:- पूर्वी रूस के कमचटका प्रायद्वीप में स्थित वलित पर्वत।

अफ्रीका (Africa)

एटलस पर्वत:- उ0प0 अफ्रीका में स्थित अल्पाइन पर्वतीकरण मोड़दार पर्वत सर्वोच्च चोटी- जेबेल टाॅबकल है।

लोमा पर्वत:- गिनी व सियरालियोन क्षेत्र में स्थित प्राचीन मोड़दार पर्वत।

एडामावा पर्वत:- नाइजीरिया एवं उसके आसपास के क्षेत्र में स्थित प्राचीन मोड़दार पर्वत।

 डैकेंसबर्ग पर्वत:– द. अफ्रीका के दक्षिण पूर्वी भाग में प्राचीन मोड़दार पर्वत आॅरेंज व वाल नदियों का उद्गम क्षेत्र।

आॅस्ट्रेलिया ;(Australlia)

गे्रट डिवाइडिंग रेंज:- आॅस्ट्रलिया के पूर्वी भाग में उत्तर से दक्षिण तट के समानांतर स्थित पर्वत श्रेणी अल्पाइन पर्वतीकरण का उदाहरण सर्वोच्च चोटी- मा. कोशियुस्को।

डार्लिग श्रेणी:-  आॅस्टेastralliaलिया के पश्चिमी भाग में स्थित पर्वत श्रेणी। मैक्डोनाल्ड श्रेणी:- मध्य आॅस्टेªलिया क्षेत्र में स्थित पर्वत श्रेणी, अनेक छोटी नदियों का उद्गम स्रोत।

 ग्रे रेंज:- पूर्वी आॅस्ट्रेलिया में स्थित पर्वत श्रेणी।ब्लू पर्वत:- द. पूर्वी आॅस्ट्रेलिया में स्थित पर्वत श्रेणी डिवाइडिंग रेज का विस्तार।

रेनाॅल्ड श्रेणी:- मध्य आॅस्ट्रेलिया में स्थित पर्वत श्रेणी।

मुसगे्र  श्रेणी:- द.आॅस्ट्रेलिया में स्थित लेड और जिंक से संपन्न पहाड़ी क्षेत्र व्यापक आर्थिक महत्व।

माउंट ईसा:- आॅस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में संसाधन संपन्न पर्वत श्रेणी।

दक्षिणी आल्प्स:- न्यूजीलैंड के दक्षिणी द्वीप में स्थित पर्वत श्रेणी।

 ट्रांस-अंटार्कटिका पर्वत:- अंटार्कटिक स्थित प्राचीन मोड़दार पर्वत मा ऐरेबास (सक्रिय ज्वालामुखी) यहीं स्थित है। माउंट विसनमैसिफ यहां की सर्वोच्च चोटी है।

 क्वीन माॅड श्रेणी:- यह अंटार्कटिक महाद्वीप को दो बराबर भागों में बाॅटता है।

विश्व के प्रमुख पर्वत शिखर/चोटी 

 मैकिन्ले:- अलास्का श्रेणी में स्थित उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी (ज्वालामुखी निर्मित)।

माउंट एलबर्ट:- राॅकी की मुख्य श्रेणी का सर्वोच्च शिखर।

 माउंट रैनियर:-कास्केड श्रेणी का सर्वोच्च शिखर (ज्वालामुखी निर्मित)।

 माउंट मिचेल:- अप्लेशियन पर्वत श्रेणी का सर्वोच्च पर्वत।

 माउंट व्हिटने:- कास्केड श्रेणी के दक्षिणी भाग में स्थित पर्वत चोटी।

 पापोकेटपिटल:- मैक्सिको स्थित ज्वालामुखी पर्वत शिखर।

 टियोटेपेक:- सियरा माद्रे डेलसुर (प. सियरा माद्रे) की सबसे ऊँची चोटी।

 ओरिजावा:- सियरा माद्रे ओरिएंटल (पूर्वी सियरा माद्रे) की सबसे ऊँची चोटी।

 गोरामस्खाया:- पूर्वी रूस के बरखोयांस्क पर्वत की सबसे ऊँची चोटी।

 एल्ब्रुश:- काकेशस पर्वत श्रेणी में स्थित यूरोप का सर्वोच्च चोटी।

 गैलढोपिजेन:- पश्चिमी नार्वे में स्थित स्कैंडिनेवियन पर्वतीय श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी।

 माउंट ब्लैंक:- आल्प्स पर्वत की सबसे ऊँची चोटी, फ्राँस में स्थित।

 ग्रैन सेसो/माउंट कोर्नो ग्रैंडे:- इटली के एपेनाइन श्रेणी में स्थित सर्वोच्च चोटी।

 नटलेयाना/दवाना:- डैªकेन्सबर्ग पर्वत श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी।

 नरोदनाया:- मध्य रूस स्थित यूराल पर्वत रेणी में स्थित सर्वोच्च चोटी।

गोरा वेलुखा:- मध्य एशिया स्थित अल्ताई पर्वत श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी।

 जाॅडकुह:- जाग्रोस पर्वत श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी।

पठार

सामान्यतः पृथ्वी के वे स्थलखण्ड जिनका कम से कम एक ढाल समीपवर्ती सतह से ऊँचा व खड़े ढाल वाला हो तथा ऊपरी भाग मेज के आकार की तरह सपाट हो, पठार कहलाते हैं। पठार भूपटल पर द्वितीय श्रेणी के उच्चावच के अन्तर्गत सम्मिलित किये जाते हैं। ऊँचाई की दृष्टि से पर्वतों के बाद तथा क्षेत्रीय विस्तार के दृष्टिकोण से मैदान के पश्चात् पठारों का स्थान है। समस्त भूपटल के 33ः भाग पर पठारों का विस्तार है।

 पठार की सामान्य विशेषताएँ:-

  •  पठार के किनारे वाले ढाल खड़े किन्तु शिखर सपाट तथा अधिक विस्तृत होता है।
  • मैदान की अपेक्षा पठारों पर उच्चावचों की अधिकता होती है।
  • पठारों पर छोटी-छोटी पहाड़ियाँ भी होती हैं तथा नदियों की घाटी कम गहरी होती है।

पठारों का वर्गीकरण

1. अन्तर्जात शक्तियों द्वारा निर्मित पठार-  अन्तर्जात शक्तियों द्वारा विभिन्न प्रकार के पठारों का निर्माण हुआ है। भूपटल के उत्थान के कारण उच्च पठारों का निर्माण हुआ है। इन पठारों के निर्माण में पटल विरूपणी बल की प्रमुख भूमिका है। अनतर्जात शक्तियों द्वारा निम्न प्रकार के पठारों का निर्माण होता है।

 अन्तरापर्वतीय पठार:- अन्तरापर्वतीय पठार चारों ओर से पर्वतों से घिरे रहते हैं। इन पठारों का निर्माण अन्तर्जात बल द्वारा वलित पर्वतों के निर्माण के साथ हुआ है। भूपटल के सर्वाधिक विस्तृत तथा जटिल पठार इसी श्रेणी में सम्मिलित किये जाते हैं। तिब्बत का पठार, बोलीविया का पठार, कोलंबिया का पठार, ईरान का पठार, ग्रेट बेसिन आदि अन्तरापर्वतीय पठार के उदाहरण हैं।

 महाद्विपीय पठार:- महाद्वीपीय पठार पर्वतीय भागों से दूर मैदानी भाग या सागरीय तट से संलग्न होते हैं। ये काफी विस्तृत एवं अति प्राचीन पठार हैं, जिन्हें शील्ड कहा जाता है। प्रायद्वीपीय भारत का पठार महाद्वीपीय पठार का उत्तम उदाहरण है। अरब का पठार, ब्राजील का पठार,  का पठार आदि महाद्वीपीय पठार के अन्य उदाहरण हैं।

 पर्वतपदीय पठार:- पर्वतों के आधार पर स्थित पठारों को पर्वतपदीय पठार कहते हैं। ये पठार पर्वत से संलग्न लंबी उच्च भूमि के रूप में मैदान या समुद्र तक विस्तृत होते हैं। इन पठारों का मैदान की ओर ढाल तीव्र व खड़ा होता है। यू.एस.ए. का पीडमांट पठार तथा दक्षिण अमेरिका का पैटागोनिया का पठार पर्वतपदीय पठार के सुन्दर उदाहरण हैं।

 ज्वालामुखी या लावा पठार:- दरारी उद्भेदन के फलस्वरूप उत्सर्जित लावा के द्वारा इस पठार का निर्माण होता है। ये पठार बेसाल्ट चट्टानों से निर्मित होते हैं। दक्कन का पठार (भारत), कोलम्बिया का पठार (यू.एस.ए.) इस प्रकार के पठार के उत्तम उदाहरण हैं।

गुम्बदाकार पठार:- अन्तर्जात बल से उत्पन्न वलन क्रिया द्वारा जब भूखण्ड का उत्थान इस प्रकार होता है जिसमें मध्य का भाग ऊँचा तथा किनारे वाला भाग गोलाकार होता है तो इस प्रकार के पठारों को गुम्बदाकार पठार कहते हैं। भारत में छोटानागपुर का पठार तथा यू.एस.ए. में ओजार्क पठार गुम्बदाकार पठार के उदाहरण हैं।

2. बहिर्जात शक्तियों द्वारा निर्मित पठार:- भूपटल पर पठारों का निर्माण अन्तर्जात एवं बहिर्जात दोनों शक्तियों द्वारा होता है लेकिन, पठारों के निर्माण में बहिर्जात बल की कम भूमिका है क्योंकि यह बल अपरदन द्वारा पठारों का विनाश अधिक करते हैं। अपरदन के कारकों यथा हिमानी, पवन तथा बहते हुए जल द्वारा पठारों का निर्माण होता है।

बहिर्जात शक्तियों द्वारा निर्मित पठार निम्न हैं-

हिमानी द्वारा निर्मित पठार:- पर्वतीय भागों में हिमानी अपरदन क्रिया द्वारा सपाट पठार का निर्माण करती है। भारत में गढ़वाल का पठार हिमानी द्वारा निर्मित है। अण्टार्कटिका तथा ग्रीनलैण्ड में हिमानी अपरदन द्वारा अनेक पठारों का निर्माण हुआ है।

 जल द्वारा निर्मित पठार:- जब किसी क्षेत्र में नदियों के निक्षेपण से पदार्थों का जमाव होता है तथा बाद में भूगर्भिक हलचल के कारण ये क्षेत्र समीप स्थित क्षेत्रों से ऊँचे उठ जाते हैं तो पठारों का निर्माण होता है। विन्ध्य पठार, चेरापुंजी पठार (भारत) शान पठार (म्यामांर) जलीय अपरदन से निर्मित पठार हैं। इन पठारों के निर्माण में नदियों के, निक्षेप तथा पृथ्वी के लम्बवत् संचलन (उत्संवलन) की भूमिका होती है।

पवन द्वारा निर्मित पठार:- जब किसी क्षेत्र में पवन द्वारा मिट्टी के बारीक कणों का लम्बे समय तक निक्षेप होता है तो ये मिट्टियाँ शैल में परिवर्तित होकर पठार का रूप ले लेती हैं। पोटवार का पठार (पाकिस्तान) तथा लोयस का पठार (चीन) पवन द्वारा निर्मित पठार है।

विश्व के प्रमुख पठार

लाॅरेंशिया पठार:- लेब्राडोर प्रायद्वीप में स्थित कनाडियन शील्ड का भाग, खनिज संसाधन संपन्न (लौहयुक्त)।

ओजार्क पठार:- न्ै। के अरकंसास प्रांत में स्थित, विवर्तनिक प्रक्रिया से निर्मित गुंबदाकार पठार।

कोलोरैडो पठार:- राॅकी व वासाच श्रेणियों के मध्य स्थित न्ै। का पठार। यहाँ से कोलोरेडो नदी निकलती है जिस पर ग्रैंड कैनियन स्थित है।

कोलंबिया पठार:- राॅकी व काॅस्केड श्रेणियों के मध्य अंर्तपर्वतीय पठार, उ.प्र. न्ै। का पठारी भाग, कोलंबिया नदी का प्रवाह क्षेत्र।

मैक्सिको का पठार:- पश्चिमी व पूर्वी सियरा माद्रे पर्वत श्रेणियों के मध्य मैक्सिको स्थित अंर्तपर्वतीय पठार।

बोलविया का पठार:- पेरू व बोलीविया के मध्य पटल विरूपणी बल से निर्मित अंर्तपर्वतीय पठार, टिन उत्पादन के लिए विख्यात।

 पैटागोनिया पठार:- अर्जेन्टीन स्थित शीतोष्ण मरुस्थलीय पठार। फाॅकलैंड ठंडी धारा से प्रभावित।

मोटोग्रासो पठार:- मध्य ब्राजील में स्थित, सोने व हीरे के उत्पादन के लिए विख्यात पठारी क्षेत्र।

 बोरबोरेमा पठार:- ब्राजील के उ.प्र. भाग में स्थित पठार, ब्राजीलियन उच्च भूमि का भाग।

ब्राजील का पठार:- ब्राजील के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित महाद्वीपीय पठार।

अप्लेशियन का पठार:- न्ै। के पूर्वी भाग में स्थित अल-टेनिन व अप्लेशियन पर्वतों के मध्य स्थित अंर्तपर्वतीय पठार।

पीडमांड पठार:- अप्लेशियन के पर्वतदीय क्षेत्र में पठारी भाग।

 ग्रेट बेसिन पठार:- न्ै। के पश्चिमी भाग में स्थित पर्वतपदीय पठार, जहाँ डेथ वैली, ग्रेट साल्ट लेक व योसेमाइट नेशनल पार्क आदि स्थित हैं।

 चियापास पठार:- दक्षिणी मैक्सिको में स्थित अंर्तपर्वतीय पठार।

 अलास्का/यूकाॅन पठार:- मध्य अलास्का के क्षेत्र में अंर्तपर्वतीय पठार।

 मिसौरी पठार:- न्ै। में स्थित, ओजार्क पठार के निकट।

 मेसेटा पठार:- आइबेरिया प्रायद्वीप के क्षेत्र में स्पेन का पठार, पर्वतपदीय पठार।

 ग्रीनलैंड पठार:- वर्ष भर हिमाच्छादित शीत पठार, डेनमार्क के अधीन।

बाई का पठार (वीई पठार):- अंगोला स्थित उच्च भूमि, अनेक नदियों का उद्गम व प्रवाह क्षेत्र, जाम्बेजी नदी का उद्गम स्रोत।

 अदामावा का पठार:- नाइजीरिया व कैमरून की सीमा पर अवस्थित पठारी भाग, अनेक नदियों का उद्गम क्षेत्रं

 इथोपिया का पठार/अबीसीनिया पठार:- इथियोपियाई उच्चभूमि में स्थित लावा निर्मित पठार, काॅफी उत्पादन क्षेत्र, शिबली व जूबा नदियों का उद्गम क्षेत्र।

टांगानिका का पठार:- टांगानिका क्षेत्र के पूर्वी भाग तंजानिया में स्थित पठार।

 कटंगा का पठार:- जायरे स्थित तांबा व हीरा उत्पादन क्षेत्र, कांगो व जायरे नदियों का उद्गम स्थल।

 अनातोलिया का पठार:- टाॅरेस व पाॅण्टिक पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित तुर्की का अंर्तपर्वतीय पठार।

 सोमाली का पठार:- (सोमाली) इथोपियाई उच्चभूमि के पूर्वी भाग में स्थित, पेट्रोलियम संसाधन संपन्न क्षेत्र।

 ईरान का पठार:- एलबुर्ज व जाग्रोस पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित ईरान का अंर्तपर्वतीय पठार।

 पामीर का पठार:- ’संसार की छत’ उपनाम से प्रसिद्ध विश्व का सबसे ऊँचा पठार, तिब्बत के पठार का भाग, पामीर की गाँठ से क्युनलुन, काराकोरम, हिंदुकुश, सुलेमान, किरथर आदि श्रेणियाँ निकलती हैं।

 तिब्बत का पठार:- हिमालय व क्युनलुन पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित अंतपर्वतीय पठार, विश्व का सबसे विस्तृत पठार, सिंधु, सतलज व ब्रहापुत्र जैसी पूर्ववर्ती नदियों का उद्गम स्थल मानसरोवर झील व अनेक हिमनद यहीं स्थिति है।

 तासिली का पठार:- अल्जीरिया के पूर्वी भाग में स्थित पठारी भाग। तकलामकान का पठार:- चीन के तारिम बेसिन क्षेत्र में स्थित उच्चभूमि, जुगेरियन बेसिन, तारिम बेसिन व तिएनसान पर्वत के उत्तरी क्षेत्र में स्थित।

 दक्कन का पठार:- प्राचीन गोंडवानालैंड का भाग, त्रिभुजाकार आकृति, विभिन्न खनिज संसाधन संपन्न। छोटा नागपुर पठार:- दक्कन पठार का उत्तर-पूर्वी भाग। लौह अयस्क, कोयला व अन्य विभिन्न खनिज संसाधनों से संपन्न क्षेत्र। भारत का रूर क्षेत्र।

मंगोलिया का पठार:- चीन व मंगोलिया के क्षेत्र में स्थित उच्चभूमि, जुगेरियन बेसिन, तारिम बेसिन व तिएनसान पर्वत के उत्तरी क्षेत्र में स्थित पठारी भाग।

दक्कन टैªप:- क्रिटैशियस काल में दरारी उद्भेदन से उत्पन्न बैसाल्टिक लावा का पठार, काली मिट्टी क्षेत्र।

 शान पठार:- अराकानयोमा के पूर्वी भाग में स्थित म्यांमार का पठार, टिन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध।

कोराट पठार:- थाइलैंड में स्थित टिन व रबड़ उत्पादन के लिए विख्यात।

 यूनान का पठार:- दक्षिणी चीन में स्थित, टिन, टंगस्टन व लोहा उत्पादन के लिए विख्यात।

किम्बरले का पठार:- आॅस्टेªलिया के उत्तर-पश्चिमी भाग में सोने व हीरे के लिए प्रसिद्ध पठारी भाग।

 उबांगी पठार:- अदामावा पठार के पूर्वी भागों में सेन्ट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक क्षेत्र में उच्च पठारी भाग।

 तिबेस्ती पठार:- चाड में स्थित पठारी उच्चभूमि।

अहागार का पठार:- अल्जीरिया, लीबिया व नाइजर के मध्यवर्ती क्षेत्रों में उच्चभूमि।

 फेनो-स्कैंडिया शील्ड:- स्कैंडिनेवियन क्षेत्र में प्राचीनतम चट्टानों से निर्मित उच्चभूमियाँ।

 बाल्टिक शील्ड:- प्राचीन कठोर चट्टानों से निर्मित अत्यंत अपरदित उच्चभूमि, बाल्टिक राज्य इसी क्षेत्र में स्थित हैं।

 कनाडियन शील्ड:- लेब्राडोर प्रायद्वीप में स्थित प्राचीन लाॅरेंशिया भू-भाग का क्षेत्र, प्राचीनतम कठोर चट्टानों से निर्मित।

 ब्राजीलियन उच्च भूमि:- प्राचीन कठोर चट्टानों से निर्मित, ओरीनिको नदी बेसिन का क्षेत्र जिसकी सहायक नदी कैरो पर एंजिल जलप्रताप स्थित है।

बोहेमिया का पठार:- मोरोवियन हाइट्स व ब्लैक फाॅरेस्ट के मध्यवर्ती पठारी क्षेत्र को बोहेमिया का पठार कहते हैं। यहीं बोहेमिया फाॅरेस्ट स्थित है, कोयला क्षेत्र, एल्ब नदी यहीं से निकलती है।