मानव विकास सूचकांक (HDI-Human Development Index) है क्या?

मानव विकास सूचकांक का विकास पाकिस्तानी अर्थशास्त्री महबूब उल हक द्वारा किया गया था मानव विकास सूचकांक का पहला सूचकांक 1990 में जारी किया गया | इस सूचकांक से इस बात का पता चलता है कि कोई देश विकसित है, विकासशील है, अथवा अविकसित है। मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) जीवन प्रत्याशा, शिक्षा, और प्रति व्यक्ति आय संकेतकों का एक समग्र आंकड़ा है, जो मानव विकास के चार स्तरों पर देशों को श्रेणीगत करने में उपयोग किया जाता है। जिस देश की जीवन प्रत्याशा, शिक्षा स्तर एवं जीडीपी प्रति व्यक्ति अधिक होती है, उसे उच्च श्रेणी प्राप्त होती हैं। 

(1) शिक्षा -एच डी आई के घटक शिक्षा को (2010 से) दो अन्य संकेतकौ से मापा जाता है | 

  1.  पढाई के सालो का औसत ( 25 वर्ष की उम्र से उपर)
  2. पढाई के सम्भावित साल ( स्कूल जाने की उम्र के बच्चों)

2 स्वास्थ्य ( जन्म घटक की जीवन प्रत्याशा द्ववारा )

3 जीवन स्तर ( जी एन आई प्रती व्यक्ति क्रय शक्ती समता)

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा 14 सितंबर 2018 को मानव विकास सूचकांक 2018 की रिपोर्ट जारी की गई |  वर्ष 2017 के लिए जारी रिपोर्ट में भारत ने 0.640 के साथ 130 वां स्थान प्राप्त किया, इस तरह से भारत 189 देशों के बीच में होने वाली इस रिपोर्ट में भारत को 130 स्थान मिला है जो कि पिछले वर्ष 2016 की रिपोर्ट में 131 वां स्थान है अर्थात भारत ने अपनी वृद्धि की है, आपको हम बता दें कि मानव विकास सूचकांक का विकास पाकिस्तानी अर्थशास्त्री महबूब उल हक द्वारा किया गया था,  मानव विकास सूचकांक का पहला सूचकांक 1990 में जारी किया गया निम्नलिखित में कौन से देश सबसे ज्यादा आगे हैं नॉर्वे 0.953 अंक| 

Rank Counry/Territory HDI
2018 ranking Change in rank from the previous year[1] 2018 ranking Change from previous yea
1 Steady  Norway 0.953 Increase 0.002
2 Steady   Switzerland 0.944 Increase 0.001
3 Steady  Australia 0.939 Increase 0.001
4 Steady  Ireland 0.938 Increase 0.004
5 Decrease (1)  Germany 0.936 Increase 0.002

Source: WikiPedia

दक्षिण एशियाई देशों में श्रीलंका और मालदीव ने भारत से बेहतर स्थान प्राप्त किया है श्रीलंका ने .770 के एचडी के मूल्य के साथ 76 वें स्थान पर और मालदीप दशमलव .717 एसडीआई मूल्य के साथ 101 स्थान प्राप्त किया है | तो इसका अर्थ यह भी है कि अभी भी भारत का एसडीआई सूचकांक में काफी न्यूनतम स्तर है और काफी विकास किया जाना बाकी है दूसरी तरफ अगर हम पड़ोसी देश की बात करें तो बंगलादेश का 136 वां स्थान और वही पाकिस्तान का 150 वां स्थान है |

मानव विकास सूचकांक के महत्वपूर्ण आयाम में जैसे शिक्षा स्वास्थ्य और जीवन स्तर की प्रगति में मापा जाता है इसमें जीवन स्तर का मापन प्रति व्यक्ति की सकल आय स्वास्थ्य का मापन जन्म पर जीवन प्रत्याशा से तथा शैक्षिक स्तर की गणना वयस्क आबादी में शिक्षा के आवश्यक वर्ष व बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा से अनुमानित की जाती है |  एचडीआई में तीन आयामों में से प्रत्येक का सूचकांक ज्यामितीय माध्य है नवीनतम सूचकांक में भारत को .640 एसडीआई मूल्य के साथ मध्य मानव विकास की श्रेणी में रखा गया है यूएनडीपी के अनुसार 1990 से 1917 के बीच भारत का एचडीआई दशमलव .427 से बढ़कर .640 हो गया है जो लगभग 50% प्रीति को दर्शाता है इस अवधि के दौरान जन्म के समय भारत की जीवन प्रत्याशा में लगभग 11 वर्ष की वृद्धि दर्ज की गई देश की प्रति व्यक्ति सकल आय जुलाई 1990 से 2017 के बीच में 26% का इजाफा हुआ

मानव विकास सूचकांक का विकास इस बात पर जोर देने के लिए किया गया था कि देश के विकास के आकलन करने के लिए अंतिम मानदंड लोगों और उनकी क्षमताओं को बनाए देना चाहिए ना कि अकेले आर्थिक विकास को मानव विकास सूचकांक की रिपोर्ट के अंतर्गत आयामी गरीबी सूचकांक यानी मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स को 2010 में शामिल किया गया था इसे मानव विकास रिपोर्ट ऑफिस के लिए ऑक्सफर्ड पावर्टी ह्यूमन डेवलपमेंट सिटी द्वारा विकसित किया जाता है