पुर्तगालियों का भारत आगमन

भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक सम्पन्नता, आध्यात्मिक उपलब्धियाँ, दर्शन, कला आदि से प्रभावित होकर मध्यकाल में बहुत से व्यापारियों एवं यात्रियों का यहाँ आगमन हुआ। किंतु 15वीं शताब्दियों के उत्तरार्ध एवं 17वीं शताब्दी के पूर्वार्ध के मध्य भारत में व्यापार के...

भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन

यूरोप के साथ भारत के व्यापारिक सम्बन्ध बहुत पुराने, यूनानियों के जमाने के है। ,भारत-यूरोपीय व्यापारिक मार्ग  प्रायः तीन मार्गो से यूरोपीय देशों के साथ व्यापार होता था- उत्तरीमार्ग – अफगानिस्तान तथा मध्य एशिया से होता हुआ कैस्पियन सागर, काला सागर की ओर जाता था और...

मुहम्मद इकबाल का एक सामान्य परिचय एवं कार्य

मुहम्मद इकबाल:-आधुनिक भारत में माहनतम कवितयों में एक, मुहम्मद इकबाल (1876-1938) ने भी अपनी कविता द्वारा नौजवान मुसलमानों तथा हिदंुओं के दार्शनिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण पर गहरा प्रीााव डाला। स्वामी विवेकनांदन की तरह उन्होने निरंतर परिवर्तन तथा अबाध कर्म पर बल दिया और...

थियोसोफिकल सोसायटी & सैयद अहमद खान तथा अलीगढ़ आंदोलन

थियोसोफिकल सोसायटी थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना संयुक्त राज्य अमरीका में मैडम एच.पी. ब्लावात्सकी तथा कर्नल एच.एस. ओलकाट द्वारा की गई। बाद में दोनों भारत आ गए तथा 1886 में मद्रास के करीब अडियार में उन्होंने सोसायटी का मुख्यालय स्थापित किया। वर्ष 1893 में भारत आने वाली...

पुर्नजागरण आन्दोलन और समाज सुधार आन्दोलन -2

डेरोजिओं और यंग बंगाल:- उन्नीसवीं सदी के तीसरे दशक के अंतिम वर्षों तथा चैथे दशक के दौरान बंगाली बुद्धिजीवियों के बीच एक आमूल परिवर्तनकारी प्रवृत्ति पैदा हुई। यह प्रवृत्ति राममोहन राय की अपेक्षा अधिक आधुनिक थी और उसे यंग बंगाल आंदोलन के नाम से जाना जाता है। उसका नेता...

Indian Governor General From 1936-48

1936-44:-वाइसराय और गवर्नर जनरल लार्ड लिनलिथगो भारत में नियुक्त अंग्रेज गवर्नर जनरलों में इनका कार्यकाल सबसे लम्बा था। सविनय अवज्ञा आन्दोलन की समाप्ति और कांग्रेस द्वारा आधिकारिक रूप से मई 1934 में इस आन्दालन को वापस लेने के बाद अधिकाधिक कांग्रेसजन 1935 के अधिनियम में...