उत्तर कालीन मुगल साम्राज्य ,मुगल दरबार में विभिन्न गुट,विदेशी आक्रमण,मुगल साम्राज्य के पतन के कारण

उत्तर कालीन मुगल साम्राज्य     औरंगजेब की मृत्यु 1707 ई0 में अहमद नगर में हुई उसे दौलताबाद में दफना दिया गया। इस सत्र उसके तीन पुत्र जीवित थे-मुअज्जम, आजम एवं कामबकश औरंगजेब राज्य के बंटवारे के लिए बसीयत लिखा गया जिसये उत्तराधिकार का युद्ध न हो। वसीयत के अनुसार उसकी इच्छा थी कि इसके सबसे

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सिखों का इतिहास

सिखों का इतिहास     सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक थे। सिखों में कुल 10 शिख गुरु हुए जिनका इतिहास निम्नलिखित है। गुरु नानक (1469-1539) जन्म:-तलबड़ी (वर्तमान ननकाना साहिब)मृत्यु:-करतारपुर (डेरा बाबा)पिता का नाम:-कालू जीमाता का नाम:-तृप्तापत्नी का नाम:-सुलक्षणीजाति:- खत्रीउपाधि:- हजरत रब्बुल मजीजसिखों के पहले गुरु गुरुनानक थे, इन्होंने नानक पंथ चलाया। इनके शिष्य शिख कहलाये। इन्होंने

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यूरोपीय कम्पनियों का आगमन-पुर्तगीज,डच,अंग्रेज,डेनिश,फ्रांसीसी

यूरोपीय कम्पनियों का आगमन     15वीं शताब्दी से लेकर 17वीं शताब्दी के बीच निम्नलिखित यूरोपीय कम्पनियाँ क्रमशः भारत आयी- पुर्तगीज, डच, अंग्रेज, डेनिश, फ्रांसीसी। परन्तु इन कम्पनियों के स्थापना का क्रम थोड़ा सा भिन्न था। ये निम्नलिखित क्रम में स्थापित हुई- पुर्तगीज-अंग्रेज-डच-डेनिश-फ्रांसीसी।  पुर्तगीज सबसे पहले भारत पहुँचे, बाकी सभी कम्पनियाँ प्रारम्भ में भारत न आकर

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स्वतन्त्र राज्यों का उत्थान

हैदराबाद संस्थापकः–निजामुलमुल्क अथवा बिनकिलिस खाँ समय:-1724 मुहम्मद शाह के समय में सर्वप्रथम हैदराबाद के स्वतन्त्र राज्य की नींव निजामुलमुल्क ने रखी वह दिल्ली दरबार के षडयंत्रों के वातावरण से क्षुब्ध था अतः शिकार के बहाने दक्षिण गया और हैदराबाद राज्य की स्थापना की। मुहम्मद शाह ने मुबारिस्ता खाँ को दक्कन का वायसराय बनाकर इसे पकड़ने

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मराठा साम्राज्य-पेशवाओं का उत्थान

पेशवाओं का उत्थान     शाहू के समय में पेशवाओं का पुनः उत्थान हुआ। धीरे-धीरे वे ही मराठा राज्य के सर्वेसर्वा बन गये। बाला जी विश्वनाथ’’ (1713-20) बाला जी विश्वनाथ मराठा साम्राज्य के द्वितीय संस्थापक माने जाते हैं। इन्हीं के साथ में पेशवा का पद आनुवंशिक हो गया। बाला जी विश्वनाथ को शाहू ने सर्वप्रथम सेना

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मराठा साम्राज्य

मराठा साम्राज्य मराठों की शक्ति को सर्वप्रथम पहचानने वाला व्यक्ति अहमद नगर का प्रमुख मलिक अम्बर था। उसने मुगलों के विरूद्ध युद्ध में मराठों को अपनी सेना में शामिल कर उनका उपयोग किया। प्रथम मुगल शासक जिसने मराठों को उमरावर्ग में शामिल किया जहाँगीर था। उसी के काल में मराठों को महत्ता मिली। परन्तु शाहजहाँ

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औरंगजेब

औरंगजेब उपाधि:-जिन्दा पीर एवं शाही दरवेश जन्मः-1618ई0 में उज्जैन के निकट माँ का नाम:-मुमताज महल बचपन:-अधिकांश समय नूरजहाँ के पास विवाह:-दिलरास बानो बेगम के साथ। दक्षिण का सूबेदार-दो बार-1636-44, एवं 1652-57 इसके अतिरिक्त गुजरात, मुल्तान एवं सिन्ध का गर्वनर भी रह चुका था। राज्याभिषेक-दो बार-सामूगढ़ के युद्ध के बाद 1658 में आगरा में एवं देवराई

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जहाँगीर ,शाहजहाँ

जहाँगीर (1605-27) जन्म:-फतेहपुर सीकरी में स्थित शेख सलीम चिश्ती की कुटिया में। माँ का नाम:-जोधा बाई गुरु का नाम:-अब्दुल रहीम खान- खाना बचपन:-सलीम अकबर इसे शेखू बाबा कहकर पुकारता था। विवाह:- आमेर के राजा भगवानदास की पुत्री मानबाई से इससे पुत्र खुसरो उत्पन्न हुआ। मानबाई की मृत्यु अफीम खाने से हुई। अन्य विवाह:– मारवाड़ के

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मुगल साम्राज्य-बाबर,हुमायूँ

मुगल साम्राज्य संस्थापक-बाबर मुगल शब्द ग्रीक शब्द डवदह से बना है जिसका अर्थ है बहादुर, मुगल शासक पादशाह की उपाधि धारण करते थे। पाद का अर्थ है मूल और शाह का अर्थ है स्वामी अर्थात ऐसा शक्तिशाली राजा अथवा स्वामी जिसे अन्य कोई अपदस्थ नही कर सकता। मुगल राज्य का संस्थापक यद्यपि बाबर माना जाता

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बहमनी साम्राज्य

बहमनी साम्राज्य     बहमनी साम्राज्य सल्तनत के अन्य प्रान्तों की भाँति मु0 तुगलक के समय हुए विद्राहों का परिणाम माना जा सकता है। अमीर-ए-सदा सौ गाँवों के प्रशासनिक अधिकारी हुआ करते थे। अमीर-ए-सदाओं का भी विद्रोह मु0 तुगलक के समय में शुरू हुआ। गुजरात के अमीर-ए-सदाओं के पश्चात् गुलबर्गा, सागर और दौलताबाद के अमीर-ए-सदाओं ने

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