लोक सेवा आयोग

Public Service Commission चीन ने सर्वप्रथम प्रतियोगी परीक्षाएँ करवायी। 1853 के Act. में इंग्लैंण्ड में प्रतियोगी परीक्षा का प्रावधान था। 1919 के Act.में केन्द्र से राज्यों के लिए अलग-अलग आयोगों का प्रावधान था। 1926 में सर रो बार्कर की अध्यक्षता में लोक सेवा आयोग गठन हुआ। 1935 के Act. में केन्द्र एवं राज्यों के लिए

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संवैधानिक बिकास

रेग्यूलेटिंग एक्ट, 1973 ईस्ट इंडिया पर संसदीय नियंत्रण की शुरूआत| बंगाल के गवर्नर को,बम्बई तथा मद्रास तीनो प्रेसिडेंसीयों का गवर्नर जनरल बनाया गया| गवर्नर जनरल चार सदस्यीय परिषद की सहायता में कार्यरत था|परिषद के सदस्य सीधे सम्राट द्धारा नियुक्त होते थे और सम्राट ही उन्हें पदच्युत कर सकता था| मद्रास और बम्बई के गवर्नर अपनी

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हाईकोर्ट,न्यायिक पुनरावलोकन,जनहितवाद,महान्यायवादी,महाधिवक्ता

संविधान के भाग-6 में, अनु0 214 से 231 तक हाईकोर्ट का प्रावधान है। अनु0 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा। अनु0 230 के अनुसार संसद विधि बनाकर किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता का विस्तार संघ राज्य तक कर सकता है। अनु0 231 के अनुसार संसद विधि बनाकर दो या अधिक

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निर्वाचन/चुनाव आयोग

Election Commission सामान्य परिचय:- निर्वाचन आयोग का प्रावधान भारतीय संविधान के भाग 15 में अनुच्छेद 324 से अनु0 329 तक है। भारत में प्रतिनिधि लोकतंत्र है जिसमें जनता द्वारा निर्वाचित जन प्रतिनिधि शासन में भाग लेते हैं। अतः जन प्रतिनिधियों का चुनाव निष्पक्ष ढंग से हो सके इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 324 में स्वतंत्र

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राज्यपाल

भारत में केन्द्र और राज्य दोनों स्तरों पर संसदीय शासन प्रणाली स्वीकार की गयी है। संसदीय शासन प्रणाली में दोहरी कार्यपालिका पायी जाती है। प्रथम-प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वास्तविक कार्यपालिका/द्वितीय-राष्ट्रपति या राज्यपाल के नेतृत्व में नाममात्र की कार्यपालिका। अनु0 153 में कहा गया है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा। अनु0

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राज्यसभा के कार्य और शक्तियां अथवा अधिकार

Power And Functions Of Rajya Sabha     राज्यसभा की रचना लोकसभा के सहयोगी और सहायक सदन के रूप में की गयी है। राज्यसभा में कार्य और शक्तियों का अध्ययन निम्नलिखित रूपों में किया जा सकता है:    (1) विधायी शक्तियां:-लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा भी विधि निर्माण सम्बन्धी कार्य करती है। संविधान के द्वारा अवित्तीय विधेयकों

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राज्यसभा की रचना या संगठन

राज्यसभा की रचना या संगठन (Composition of Rajya Sabha) राज्यसभा भारतीय संसद का द्वितीय या उच्च सदन है। इसे लोकसभा की तुलना में कम शक्तियां प्राप्त हैं, लेकिन फिर भी इसका अपना महत्व और उपयोगिता है: सदस्य संख्या और निर्वाचन पद्धति:- राज्यसभा के सदस्यों की अधिक से अधिक संख्या 250 हो सकती है, परन्तु वर्तमान

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लोकसभा की शक्तियां अथवा अधिकार और कार्य

लोकसभा की शक्तियां अथवा अधिकार और कार्य भारतीय संसद के दो सदनों में लोकसभा लोकप्रिय सदन है, क्योंकि इसके गठन का आधार जनसंख्या है और लोकसभा के सदस्यों को जनता के द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन के आधार पर निर्वाचित किया जाता है। संसदीय व्यवस्था का यह निश्चित सिद्धान्त है कि कानून निर्माण और प्रशासन पर नियन्त्रण

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लोकसभा की रचना या संगठन

  लोकसभा की रचना या संगठन Composition of Lok-Sabha लोकसभा संसद का प्रथम या निम्न सदन है। इसे लोकप्रिय सदन भी कहते हैं, क्योंकि इसके सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते हैं। लोकसभा राज्यसभा से अधिक शक्तिशाली है और अनेक प्रसंगों में ’संसद’ का आशय लोकसभा से ही लिया गया है। सदस्य संख्या:-

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संघीय संसद (INDIAN PARLIAMENT)

संघीय संसद (INDIAN PARLIAMENT) हमारे संविधान के अन्तर्गत केन्द्रीय विधान-मण्डल को संसद की संज्ञा दी गयी है और यह संसद द्विसदनात्मक सिद्धान्त के आधार पर गठित की गयी है। संविधान के अनुच्छेद 79 में लिखा है: ’संघ के लिए एक संसद होगी जो राष्ट्रपति और दोनों सदनों से मिलकर बनेगी, जिसके नाम क्रमशः राज्यसभा और

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